Wednesday, April 17, 2013

प्रभु जी से ...

प्रभु जी ,
मेरे अवगुण चित में धरते हो तो
धरो
जो जी में  आये
करो

प्रभुजी बौखला गए
नौच डाला सौम्य शांत मुखौटा
 वार किया "बिलों द बेल्ट"वाला
और चीखे
तो लो
झेलो और मरो 

5 comments:

  1. Jo karna hai karo ke bad below aur up the belt kaisa. Aur cheekh kaisee unki awaj to tumhari apni hee aawaj hai.

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  2. ओह सब नास्तिक हैं यहां! वाह !

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  3. जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।

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  4. well said .. shayad ishwar jin cheezon ki shiksha dete firte hain wo cheezein khud uske paas bhi nahin ..

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